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30+ Best Basant Panchami Wishes & Status In Hindi

Basant Panchami Wishes & Status In Hindi:- नमस्ते दोस्तों thequoteshub.com में आपका स्वागत है ! आपको और आपके पुरे परिवार को बसंत पंचमी की बहुत बहुत बधाई ! बसंत पंचमी कोई बहुत ही महत्व पूर्ण त्यौहार है, बसंत पंचमी हिंदुओं, मुसलमानों और सिखों द्वारा समान रूप से मनाया जाने वाला त्यौहार है, वसंत पंचमी मुख्य रूप से एक सांस्कृतिक त्यौहार है ! पंजाब के बसंत पंचमी के पांच दिन पिले चावल ग्रहण करते है और साथ में पिले कपडे पहन कर सरसो के खेत का अनुकूलन करते है या उड़ते पतंगों से खेलते हैं। वसंत पंचमी होली को दर्शाने वाला त्यौहार है जो होली के पहले आता है लोगों के मनो को होली के लिए जागरूक करने के लिए , जो चालीस दिन बाद होता है । बसंत पंचमी का त्यौहार पंजाब, नेपाल, हिमांचल प्रदेश और पश्चिमी भागों में विशेष रूप से मनाया जाता है। यह सिखों की ऐतिहासिक परंपरा भी रही है ! अब आप भी अपने दोस्तों को फेसबुक ,व्हाट्सप्प, ट्विटर  या इंस्टाग्राम के जरिये एक प्यारा सा शायरी या स्टेटस अपलोड करके अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को बसंत पंचमी के बधाई दें ! आगे भी ऐसे मजेदार शायरी और स्टेटस पाते रहने के लिए हमारे वेबसाइट को सब्सक्राइब करें ! यदि हमारा पोस्ट आपको पसंद अये तो शेयर करना न भूले !

उड़-उड़कर अम्बर से।
जब धरती पर आता है।
देख के कंचन बाग को।
अब भ्रमरा मुस्काता है।

फूलों की सुगंधित।
कलियों पर जा के।
प्रेम का गीत सुनाता है।

अपने दिल की बात कहने में।
बिलकुल नहीं लजाता है।
कभी-कभी कलियों में छुपकर।
संग में सो रात बिताता है।

गेंदा गमके महक बिखेरे।
उपवन को आभास दिलाए।
बहे बयारिया मधुरम्-मधुरम्।
प्यारी कोयल गीत जो गाए।
ऐसी बेला में उत्सव होता जब।
वाग देवी भी तान लगाए।

आयो बसंत बदल गई ऋतुएं।
हंस यौवन श्रृंगार सजाए।

देखो -देखो बसंत ऋतु है आयी ।
अपने साथ खेतों में हरियाली लायी ॥
किसानों के मन में हैं खुशियाँ छाई ।
घर-घर में हैं हरियाली छाई ॥
हरियाली बसंत ऋतु में आती है ।
गर्मी में हरियाली चली जाती है ॥
हरे रंग का उजाला हमें दे जाती है ।
यही चक्र चलता रहता है ॥
नहीं किसी को नुकसान होता है ।
देखो बसंत ऋतु है आयी ॥

कानन कुंडल घूँघर बाल
ताम्ब कपोल मदनी चाल
मन बसंत तन ज्वाला
नज़र डगर डोरे लाल।
पनघट पथ ठाड़े पिया
अरण्य नाद धड़के जिया
तन तृण तरंगित हुआ
करतल मुख ओढ़ लिया।
आनन सुर्ख मन हरा
उर में आनंद भरा
पलकों के पग कांपे
घूंघट पट रजत झरा।
चितवन ने चोरी करी
चक्षु ने चुगली करी
पग अंगूठा मोड़ लिया
अधरों पर उंगली धरी।
कंत कांता चिबुक छुई
पूछी जो बात नई
जिह्वा तो मूक भई
देह न्यौता बोल गई।

धरा पे छाई है हरियाली
खिल गई हर इक डाली डाली
नव पल्लव नव कोपल फुटती
मानो कुदरत भी है हँस दी
छाई हरियाली उपवन मे
और छाई मस्ती भी पवन मे
उडते पक्षी नीलगगन मे
नई उमन्ग छाई हर मन मे
लाल गुलाबी पीले फूल
खिले शीतल नदिया के कूल
हँस दी है नन्ही सी कलियाँ
भर गई है बच्चो से गलियाँदेखो नभ मे उडते पतन्ग
भरते नीलगगन मे रन्ग
देखो यह बसन्त मसतानी
आ गई है ऋतुओ की रानी

ले के ख़ुदा का नूर वो आना वसंत का
गुलशन के हर कोने पे वो छाना वसंत का
दो माह के इस वक्त में रंग जाए है कुदरत
सबसे अधिक मौसम है सुहाना वसंत का।
मेला बसंत-पंचमी का गाँव-गाँव में
और गोरियों का सजना-सजाना वसंत का
वो रंग का हुड़दंग वो जलते हुए अलाव
आता है याद फाग सुनाना वसंत का
होली का जब त्यौहार आये मस्तियों भरा
मिल जाए आशिकों को बहाना वसंत का
कोई हसीन शय ख़लिश रहे न हमेशा
अफ़सोस, आ के फिर चले जाना वसंत का।

बहारो में बहार बसंत

मीठा मौसम मीठी उमंग

रंग बिरंगी उड़ती आकाश में पतंग

तुम साथ हो तो है इस ज़िंदगी का और ही रंग

हैप्पी बसंत पंचमी

किताबों का साथ हो, पेन पर हाथ हो

कॉपिया आपके पास हो, पढाई दिन रात हो

ज़िंदगी के हर इम्तिहान में आप पास हो

हैप्पी बसंत पंचमी

फूलों की वर्षा,

शरद की फुहार,
सूरज की किरणे,
खुशियों की बहार,
चन्दन की खुशबु,
अपनों का प्यार,
मुबारक हो आप सबको,
बसंत पंचमी का त्योहार।

वीणा लेकर हाथ मे, सरस्वती हो आपके साथ मे,

मिले माँ का आशीर्वाद आपको हर दिन,
हर बार हो मुबारक़ आपको सरस्वती पूजा का ये दिन..

सूरज हर शाम को ढल ही जाता है ,
पतझड बसंत में बदल ही जाता हे ,
मेरे मन मुसीबत में हिम्मत मत हारना
समय कैसा भी गुजर ही जाता है…

मां सरस्वती का वरदान हो आपको,

हर दिन नई मिले ख़ुशी आपको,

दुआ हमारी है खुदा से ऐ दोस्त,

जिन्दगी में सफलता हमेशा मिले आपको।

माँ सरस्वती का बसंत है त्योंहार

आपके जीवन में आये सदा बहार

सरस्वती द्वार आपके विराजे हरपल

हर काम आपका हो जाये सफल…

सहस शील हृदय में भर दे
जीवन त्याग से भर दे,
संयम सत्य स्नेह का वर दे
माँ सरस्वती आपके जीवन में उल्लास भर दे!

सरस्वती पूजा का यह प्यारा त्यौहार

जीवन में खुशी लाएगा अपार

सरस्वती विराजे आपके द्वार

शुभकामनाएं हमारी करें स्वीकार

बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं।

जीवन का यह बसंतखुशियां दें अनंतप्रेम और उत्साह सेभर दें जीवन में रंग।

मां सरस्वती का वरदान हो आपको,

हर दिन नई मिले ख़ुशी आपको,

दुआ हमारी है खुदा से ऐ दोस्त,

जिन्दगी में सफलता हमेशा मिले आपको।

फूलों की वर्षा,
शरद की फुहार,
सूरज की किरणे,
खुशियों की बहार,
चन्दन की खुशबु,
अपनों का प्यार,
मुबारक हो आप सबको,
बसंत पंचमी का त्योहार।

हस शील हृदय में भर दे,
जीवन त्याग से भर दे,
संयम सत्य स्नेह का वर दे,
माँ सरस्वती आपके जीवन में उल्लास भर दे।
बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं।
हैप्पी बसंत पंचमी।

सहस शील हृदय में भर दे
जीवन त्याग से भर दे,
संयम सत्य स्नेह का वर दे
माँ सरस्वती आपके जीवन में उल्लास भर दे!

जीवन का यह बसंत
खुशियाँ दे अनंत
प्रेम और उत्साह का
भर दे जीवन में रंग !

पीले पीले सरसों के फूल, पीली उड़े पतंग,
रंग बरसे पीला और छाये सरसों सी उमंग।
आपके जीवन में रहे सदा बसंत के रंग।
बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं।
हैप्पी बसंत पंचमी।

सरस्वती पूजा का ये प्यारा त्यौहार,
जीवन में लायेगा ख़ुशी अपार,
सरस्वती विराजे आपके दवार,
शुभ कामना हमारी करे स्वीकार |

मां सरस्वती का वरदान हो आपको, तुम इस कदर मुझमे समा गए हो,
जैसे बसंत की रुत में रंग समाये,
कहने को तो हो दूर मुझसे ऐ सनम,
पर दिल में धड़कन बन रहते हरदम..!
हर दिन नई मिले ख़ुशी आपको,
दुआ हमारी है खुदा से ऐ दोस्त,
जिन्दगी में सफलता हमेशा मिले आपको।

सरस्वती हो आपके साथ मे,
मिले माँ का आशीर्वाद हर दिन,
मुबारक़ हो आपको सरस्वती पूजा का ये दिन।
सरस्वती पूजा और बसंत पंचमी की शुभ कामनायें!

ज़माने भर की याद में मुझे ना भुला देना,
जब कभी याद आये तो ज़रा मुस्कुरा लेना,
ज़िंदा रहे तो फिर मिलेंगे,
वर्ना बसंत पंचमी में एक पतंग मेरे नाम का भी उड़ा लेना.
बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाएं..!

जाने को न कहना जैसे बसंत चली जाये,
रगों में लहू बनकर बहने लगे तुम,
रात भी अब लगेगी काटने जानम,
घड़ी भर को अब ठहर भी जाओ!!

करो तयारी बसंत आई दोस्तों, लेके आई बेअनंत खुशिया,
खास लाया हु मई पतंग का डोर, डोर भी है काले रंग का,
आ गए दिन भी सुहाने दोस्तों…!!

उगता हुआ सूरज दुआ दे आपको,
खिलता हुआ फूल खुशबु दे आपको,
हम तो कुछ देने के काबिल नहीं है.
देने वाला हज़ार खुशियाँ दे आपको,
!!…Happy Basant Panchami…!!उड़ जाते है रंग,
किताबों में दबे फूलों के भी,
आसमान में कई रंग,
बिखराए जाती है एक पतंग,
!..बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाये..!

उड़ जाते है रंग,
किताबों में दबे फूलों के भी,
आसमान में कई रंग,
बिखराए जाती है एक पतंग,
!..बसंत पंचमी की हार्दिक शुभकामनाये..!

टूटे हुए तारों से फूटे बासंती स्वर
पत्थर की छाती में उग आया नव अंकुर
झरे सब पीले पात
कोयल की कुहुक रात
प्राची में अरुणिम की रेख देख पता हूँ
गीत नया गाता हूँ

~अटल बिहारी वाजपेयी

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